Friday, November 27, 2009

मनसे की राजनीती

आज कल महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के लोग लगातार सुर्खियों में बने हुए है। अब सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की ललक इतनी हावी है की हिन्दी जैसे सर्वमान्य भाषा का विरोध करने से पीछे भी राज ठाकरे नही हट रहे है। हिंदू कट्टर पंथ की यह विचारधारा फासीवाद के काफी करीब है जिसमे एक नस्ल विशेष के लोगो के पास ही राजसत्ता रहती है ।

राज ठाकरे सस्ती राजनीती के लिए लोगो में इस कदर बैर भाव भर रहे हैं की सदियों तक लोगो के दिल नही मिलेंगे। वो थी अपने चाचा के रस्ते पर चल रहे है और कांग्रेस भी अपनी राजनीतिक रोटी सेंक रही है।

हम सबको भी अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी । हम केवल मुंबई हमले की बरसी ही मनाते रहेंगे या ठाकरे जैसे लोगो को भी सबक सिखाना होगा। हम सब को साम्प्रदायिक सद्भाव की वो मिसाल पेश करनी होगी जिसकी इस समय वाकई में जरूरत है। आज देश को समाजतोड़क लोगो से बचाने की जरूरत है।