Monday, May 25, 2015

देश में यदि सही राजनैतिक विकल्प नहीं है तो उसका निर्माण किया जाना चाहिए !

देश में यदि सही राजनैतिक विकल्प नहीं है तो उसका निर्माण किया जाना चाहिए !
कुछ सुधि देशभक्तों का प्रश्न है कि जब कांग्रेस असफल रही है ,भाजपा भी अम्बानियों-अडानियों की सहचरी बन चुकी है ,'आप' वाले भी अधकचरे ही निकले हैं और जनता परिवार का तो कोई पता ठिकाना ही नहीं है तो देश की जनता के समक्ष सही राजनैतिक विकल्प क्या है ? इस सवाल का जबाब है कि देश में यदि सही राजनैतिक विकल्प नहीं है तो उसका निर्माण किया जाना चाहिए ! आधुनिकतम तकनीकि क्रांति की उत्तरोत्तर समुन्नत अवस्था के उत्तर आधुनिक दौर में प्रबुद्ध व्यक्ति एवं सभ्य- सजग-समाज अपने निजी और सामूहिक हितों को लेकर व्यग्र है। वह मन ही मन कसमसा भी रहा है।लेकिन संसदीय चुनावों में इस जन आक्रोश को उसकी संगठित ताकत के रूप में सहेज पाने की क्षमता अभी भी बहुत दूर है। इसीलिये जीर्ण-शीर्ण बीमार पूँजीवाद की भृस्ट फफूँद के रूप में समाज का शक्तिशाली - सम्पन्न वर्ग बड़ी चालाकी से बार-बार संसदीय लोकतंत्र पर काबिज हो जाता है।