कल के अख़बार में एक खबर पढ़कर मुझे झटका लगा। यह ख़बर एक बच्ची के बारेमें थी । गरीब अभिभओव्को ने यह सोचकर अपनी बच्ची शिवदेवी को गोमतीनगर के विकास खंड में रहने वाले राजीव वर्मा और रेखा वर्मा को सौप दिया था की उनके पास रहकर शिवदेवी भी कुछ पढ़ लिख जायेगी। लेकिन यह दम्पति तो इन्सान की जगह हैवान निकले। उस बच्ची से एक वयस्क के बराबर कम लेने लगे और कम पुरा न होने पर उस पर मार पड़ती थी। इस्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कीइन हैवानो ने उस बच्ची के गुप्तांगो को भी नुकसान पहुचाया।
बच्ची की माँ कई बार सम्बंधित थाणे फरियाद लेकर गई किंतु भ्रष्ट पुलिस वालो ने उसकी नही सुनी। यदि पुलिस पहले ही बच्ची की माँ की बात पर भरोसा करती तो सायद बच्ची को इतनी तकलीफ न उठानी पड़ती।
सवाल यह है की सरकारों द्वारा बच्चो के लिए तमाम योजनाये चलायी जाती है तो फ़िर यह बच्चे मजदूरी करने को क्यों मजबूर है ? यह बच्चे अपनी पढ़ाई क्यों नही कर पाती? यह पढ़ाई की उम्र में कम क्यों करते है ?
जवाब बहुत सीधा है की जब तक इन बच्चो के माता पिता की आय नही बढती तब तक इस समस्या से छुटकारा नही पाया जा सकता।
Wednesday, September 30, 2009
ज्यादातर हिस्सों में प्रेम विवाह अब भी अपराध माना जाता है जबकि वैज्ञानिक इस बात का सबूत दे चुके है की यदि पुरूष / लड़का दूसरी जाती का तथा महिला / लड़की दूसरी जाती की हो तो उसकी होने वाली संतान सामान्य बच्चो के मुकाबले ज्यादा तेज होंगे । सवाल यह उठता है की अनपढ़ लोग प्रेम विवाह का विरोध करे तो ठीक है किंतु पढ़े लिखे लोगो द्वारा इस तरह विरोध करना समझ में नही आता है। यह लोग पैंट पहन सकते है, शंकर फसले उगा और खा सकते है लेकिन अपने बच्चो को प्रेम विवाह की छूट नही दे सकते।
अब समय बदल रहा है, अब हर छेत्र में युआ आगे निकल रहे है तो युआओ को आगे बढ़कर यह जिम्मेदारी उठानी होगी। उन्हें पुराणी रुर्हियो को तोड़ना होगा । उन्हें आगे बढ़कर समाज के उन ठेकेदारो से मुकाबला करना होगा जो प्रेम विवाह को अपराध मानते है.
अब समय बदल रहा है, अब हर छेत्र में युआ आगे निकल रहे है तो युआओ को आगे बढ़कर यह जिम्मेदारी उठानी होगी। उन्हें पुराणी रुर्हियो को तोड़ना होगा । उन्हें आगे बढ़कर समाज के उन ठेकेदारो से मुकाबला करना होगा जो प्रेम विवाह को अपराध मानते है.
मेरा गाँव
दोस्तों रायबरेली जिले में मेरा गाव है मै वही का रहने वाला हूँ मै भी पहले सोचता था की अमीर गरीब भगवान ने बनाया है लेकिन उम्र के साथ विचार भी परिपक्व होते है और जब आप ऐसे लोगो के बीच हो जो यह बताते हो कि अमीर गरीब भगवान ने नही बल्कि इन्सान ने बनाया है तो निश्चित ही आपके विचारो में भी बदलाव आएएगा
दोस्तों आज ब्लोगिंग का मेरा पहला दिन है, काफी कुछ अभी और सीखना है, बाकि फिर कभी।
आपका अरुण सिंह
दोस्तों आज ब्लोगिंग का मेरा पहला दिन है, काफी कुछ अभी और सीखना है, बाकि फिर कभी।
आपका अरुण सिंह
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